Father's Day
June 16, 2019"Father's Day"की आयातित संस्कृति में एक विचारणीय प्रश्न मेरे मन में यह उठा कि-' "परमपिता"शब्द भारतीय संस्कृति में है किंतु 'परममाता' शब्द नहीं, ऐसा क्यों? खोजबीन करने पर पता चला कि पिता होना माता होने से भी कहीं ज्यादा महिमा वान है। मां 9 महीने तक बच्चे को अपने पेट में पालती है, अतः उसका एक नैसर्गिक संबंध विकसित हो जाता है किंतु पिता के साथ बच्चे का संबंध मानसिक ज्यादा है। 'अपना बच्चा है'ऐसा मानकर जो करुणा पिता की बच्चे की तरफ सतत बहती है, उसी करुणा की अपेक्षा हमारी परमपिता से होती है। जो निश्चिंतताऔर विश्वास पिता के साए में मिलता है, वह अन्यत्र दुर्लभ है।। आज हर पिता अपने बच्चे के लिए उत्तराधिकार के रूप में असीमित संपत्ति और सुरक्षा का वातावरण छोड़ जाना चाहता है किंतु परमपिता का वह दुर्लभ संस्कार उत्तराधिकार में विरले हीं छोड़ते हैं जो इस गड़ेरिया की कहानी में है- गड़ेरिया अपने 99 भेड़ों को एक जगह सुरक्षित छोड़कर भटके हुए उस एक भेड़ के पीछे खोजबीन में चल देता है और भारी मुसीबतों के बाद मुश्किल से मिलने पर उसे अपने कंधे पर उठाकर घर ले आता है- संदेश यह है कि यदि एक भी बच्चा रास्ता भटक जाए तो उसे ढूंढकर सही रास्ते पर ले आने तक का कष्ट हंसते-हंसते उठाने की क्षमता से पिता का जन्म होता है, सिर्फ बच्चे पैदा कर देने से नहीं।- 'शिष्य-गुरु संवाद'से डॉ सर्वजीत दुबे फादर्स डे की शुभकामनाओं के साथ🙏🌹