ज्योति जलाने वाले देश में इतनातमस कैसे?* भारत आज गहन आंतरिक-अंधकार में खड़ा है और बाहर के कृत्रिम प्रकाश से आंखें चुंधियाई जा रही हैं। अन्यथा(1) "सत्यानुसारिणीलक्ष्मी:" की उद्घोषणा करने वाले देश में असत्य के आचरण से इतनी लक्ष्मी कैसे बढ़ जाती है? क्या उल्लू बनते ही लक्ष्मी जी अपना वाहन समझकर उस पर सवार हो जाती हैं?(2) "बड़े अरमान से लक्ष्मीजी मूर्तियों मेंसजाई जाएंगी , जिंदा रूप में आ जाएं तो गर्भ में ही गिराई *जाएंगी"- **_ऐसे लक्ष्मीपूजा का मतलब क्या है?(3) दीप जलाने वाली परंपरा में पटाखा फोड़ कर प्रकाश की जगह शोर और धुआं फैलाते हैं ,फिर स्वच्छता अभियान की सार्थकता क्या है ?(4)दीपावली के अवसर पर राम ( प्रेम )और सीता ( शांति ) घर लौट आए थे तब अयोध्यावासियों ने खुशियां मनाई थी।क्या भारत में प्रेम और शांति घर लौट आए हैं? -'शिष्य-गुरु संवाद' से डॉ.सर्वजीत दुबे🙏🌹 यदि हां तो; दीपोत्सव की शुभकामनाएं..