एक ओंकार सतनाम
November 12, 2019नानक शाह फकीर ; हिंदू का गुरु, मुसलमान का पीर:- भारतभूमि अद्भुत है ,जहां हिंदू,जैन,बौद्ध, सिख जैसे चार बड़े धर्मों का जन्म हुआ। अलग-अलग और विपरीत मार्ग किंतु सबका मंजिल एक।जिस पंजाब इलाके से सारे आक्रमणकारी भारत में प्रवेश करते थे ,उसी प्रांत से प्रेम का व्यापारी नानक अंदर-बाहर सभी इलाकों के हृदय में प्रवेश कर गये। पांच नदियों का जल जब सूर्यातप से भाप बनकर आकाश में उड़ गया तो संघनीभूत होकर धरती पर नानक के रूप में प्रेमधारा बनकर आया।" एक ओंकार सतनाम" का प्रेम गीत गाने के लिए सभी धर्मों के लोग और सभी बोलियां उनके साथ एक हो गई। मुस्लिम संगी मरदाना के साथ गाना ,साथ बजाना और साथ खाना ( लंगर )का संदेश आज भी करतारपुर साहिब से गुंजायमान हो रहा है। जिनको कान हो,वो सुन ले;जिनकी आंखें हों, वो देख ले वरना राजनीति प्रधान इस दुनिया में सत्य के प्रेमी को भी साधन बनाने की हिम्मत सत्ता प्रेमी करते हैं।किंतु क्षणिक सत्ता शाश्वत सत्य के सामने कब टिकी है?-'शिष्य-गुरु संवाद' से डॉ.सर्वजीत दुबे गुरु नानक जयंती की शुभकामनाओं के साथ🙏🌹