प्रकाश पर्व
January 2, 2020" प्रकाश पर्व " :भारतभूमि अद्भुत है,जहां चार प्रमुख धर्मों- हिंदू,जैन,बौद्ध और सिख का प्रादुर्भाव हुआ। श्री गुरु गोविंद सिंह जी इस अद्भुत भूमि के आश्चर्यों र्में से सबसे बड़े आश्चर्य हैं क्योंकि शास्त्र और शस्त्र का जैसा समन्वय उनमें दिखता है,वैसा अन्यत्र दुर्लभ है। खालसा की स्थापना कर एक तरफ उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए योद्धा तैयार किए तो दूसरी तरफ विविध विश्वासों को मानने वालों के बीच एक अद्भुत सामंजस्य और सौहार्द भी कायम करके दिखलाया। "चिड़ियों को मैं बाज बनाऊं,तभी गोविंद सिंह नाम कहाऊं" का संकल्प लेकर उन्होंने दुर्बलता को शक्ति में बदलने का मंत्र दिया तो दूसरी तरफ गुरुग्रंथसाहिब पुस्तक को गुरु मानकर एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। जीवन के इतने विविध रंग और विविध सलीके भारत ने दिखाए और सिखाए कि हमें भारतीय होने पर गर्व होता है और बरबस मुंह से निकल पड़ता है कि- मेरे देश की धरती सोना उगले , उगले हीरे मोती... किंतु आज के संकीर्ण सोच और माहौल को देखकर अफसोस भी होता है कि जिस धरती पर इतने ज्ञानी,ध्यानी और बलिदानी महापुरुष उत्पन्न हुए,वहां की पीढ़ियां किस रास्ते की ओर बढ़ रही हैं ? शायद गुरु जी के जन्मदिवस के प्रकाश में कोई रास्ता सूझे...ऐसी शुभकामनाओं के साथ'शिष्य-गुरु संवाद'से डॉ. सर्वजीत दुबे🙏🌹