सत्येन रक्ष्यते धर्मो
January 5, 2020विभिन्न रंगों को विभिन्न धर्मों ने महत्वपूर्ण प्रतीकों के रूप में चुना है। भगवा रंग को _हिंदुओं ने सूरज का प्रतीक माना क्योंकि जहां सूरज हैं,वहां अंधेरा नहीं टिक सकता। मोहम्मद साहब ने हरा रंग चुना जो जीवन का प्रतीक है क्योंकि वृक्ष जब तक जीवित होता है हरा होता है।गुरु नानक ने नीला रंग चुना जो आकाश का प्रतीक है और विराट होने का संदेश देता है। ईसाईयों और जैनों ने सफेद रंग को चुना जो निर्मल और शुभ्रचितदशा का संदेश देता है। बौद्धों ने पीला रंग चुना जो मृत्यु का प्रतीक है;पीले पत्ते वृक्ष से स्वयं आसानी से गिर जाते हैं। यदि हम स्वयं अपने प्रतीकों की गौरव गरिमा को याद रखें तो बहुत अच्छा और दूसरे ध्यान दिला दें तो धन्यवाद का भाव।भारतीय संस्कृति कहती हैं-"सत्येन रक्ष्यते धर्मो"-शिष्य-गुरु संवाद से डा.सर्वजीत दुबे🙏🌹