महिलाओं को कमांड पोस्टिंग देने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला पुरुष प्रधान समाज की संकीर्ण मानसिकता पर चोट करने वाला एक दूरदर्शितापूर्ण फैसला है।अर्धनारीश्वर की संस्कृति में केंद्र की यह दलील कि सेना के किसी कोर या यूनिट में महिलाओं को कमांड पोस्टिंग इसलिए नहीं दी जा सकती क्योंकि पुरुष का अहं चोट खाता है और वे उनका आदेश मानने को मानसिक रूप से तैयार नहीं,हास्यास्पद है। इस प्रकार की सोच ने आधी आबादी को पंगु बना दिया। स्त्री को परमात्मा ने कोख देकर सृष्टि को आगे बढ़ाने का वरदान दिया था।यदि जन्मदात्री अक्षम है तो सक्षम पीढ़ी कैसे जन्म ले सकती है?काश! परमात्मा मेरी यह प्रार्थना सुन लेता- " हे भगवान! तू एक नई सृष्टि ईजाद कर दे ; पुरुष को कोख दे दे , स्त्री को आजाद कर दे" - तब पुरुष मानसिकता वाले लोगों को पता चल जाएगा कि शारीरिक व सामाजिक अक्षमता स्त्रियों में है या उनके सोच में।-'शिष्य-गुरु संवाद' से डॉ.सर्वजीत दुबे🙏🌹