सत्यम् शिवम् सुंदरम् :PM मोदी जी की मीडिया को यह सलाह कि खबरों को इस तरह दिखाएं कि 'लोग Panic न हों'विचारणीय है। सत्य को सुनकर पचाने की सामर्थ्य सबमें नहीं होती। "चीन में 80लाख मौतों का आंकड़ा छुपाया जा रहा है" ऐसी खबर एक चैनल पर दिखाई जा रही थी। जो तथ्य और सत्य बताए जा रहे थे, उसे सुनकर मेरे होश उड़ गए। खौफ के कारण कोरोना होने के खबर की पुष्टि होने पर अथवा संदेह पर ही कुछ लोगों ने आत्महत्या कर ली। अतः वही सत्य दिखाया जाना चाहिए जो शिव अर्थात् कल्याणकारी भी हो। मौसमी प्रकोप से प्रभावित बहुत लोग हैं,किंतु कोरोना बहुत कम को। Pandemic की घोषणा होते ही और सीमाएं सील किए जाने की खबरों को सुनकर अधिकतर लोग अपने घरों की ओर भागने लगे। क्योंकि उनकी नजरों में इटली और चीन की भयावह खबर प्रमुखता से चर्चा का विषय बन गई है। थोड़ा सा भय जागरूकता को बढ़ाता है किंतु महामारी व्यक्ति को बदहवास कर देती है। तभी तो Lockdown से तुरंत कई राज्यों को कर्फ्यू पर उतरना पड़ा।। कुछ सामान्य जनता की समझ अवैज्ञानिक और अपरिपक्व दोनों साबित हो रही है। बसों की भीड़ और विदेश या बाहर से आने पर भी बिना चेकअप के अपनों के बीच पहुंचने की जल्दी खतरे की घंटी है।। ऐसे में खबरों को सत्य और शिव के साथ सुंदर भी बनाना होगा ताकि लोग सरकारों के साथ समाज के लिए भी मुश्किलें न खड़ी कर दें। कहानी कहती है- एक बार एक व्यक्ति को गांव में घुसते समय एक वृद्ध ग्रामीण ने पूछा कि तुम कौन हो और मेरे गांव में क्यों आए हो? अपरिचित ने कहा कि मैं यमराज का व्यक्ति हूं और 5 लोगों को गांव से ले जाने के लिए आया हूं। दूसरे दिन उस बूढ़े ने उसको गांव से जाते समय देखकर कहा कि तुमने तो 5 की बात की थी, हमारे गांव में 50 मर गए; कैसे ? यमदूत ने कहा कि तुमने मेरे आने की खबर गलत तरीके से गांव में फैला दी,उसी का यह परिणाम है। बाकी तो खौफ से मर गए।- अतः ' सत्यम् शिवम् सुंदरम् ' मंत्र खबरों की प्रस्तुति के लिए तथा सर्वजन हिताय अद्भुत साबित होगा।- 'शिष्य-गुरु संवाद'से डॉ.सर्वजीत दुबे🙏🌹