दुनिया तो उगते सूरज की पूजा करती हैं फिर छठ में लोग डूबते सूरज की पूजा से प्रारंभ क्यों करते हैं?
November 20, 2020'संवाद' छठ पर्व की शुभ बेला में डूबते सूरज के आगे जिस भावपूर्ण और शांत मुद्रा के साथ घर की औरतों को दिनभर उपवास के बाद अर्घ्य चढ़ाते हुए देखता था तो एक प्रश्न मन में बचपन से ही हमेशा उठा करता था- "दुनिया तो उगते सूरज की पूजा करती हैं फिर छठ में लोग डूबते सूरज की पूजा से प्रारंभ क्यों करते हैं?" मां से जवाब मिलता था कि परंपरा में ऐसा होता आया है। अतः प्रश्न मत पूछो, पूजा में ध्यान लगाओ। किंतु बुद्धि हमेशा परेशान करती रही। व्रती को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद उदय होते हुए सूर्य को देखने की इतनी तड़प होती थी कि रात भर भजन-गीत गाए जाते थे। सुबह में 3:00 बजे हम लोग घाट पर पहुंच जाया करते थे। गंगा की निर्मल धारा में उतर कर जब व्रती लोग उषाकाल के पूर्व से सूर्य के उदित होने की प्रार्थना करते थे तो थल,जल और नभ मेँ भक्ति की धारा समान रूप से प्रवाहित होने लगती थी। पूरब दिशा की ओर आंखें लगाए लोगों को ज्यों ही सूरज उदित होते हुए दिखता था, सबके हृदय में भी कुछ उग आता था-" खोल आंख जमीं देख, फलक देख , फजा देख ; मशरिक से उभरते हुए सूरज को जरा देख। " चारों ओर वातावरण में लंबी अंधेरी रात की प्रतीक्षा के बाद प्रकाश की पहली किरण सबके चेहरों पर एक गजब की चमक बिखेर देती थी। मुझे लगता था कि इतने लंबे उपवास के बाद कहीं तबीयत न खराब हो जाए किंतु छठी मैया के प्रति इतनी आस्था थी कि आज तक एक बार भी किसी व्रती को पूजा समाप्ति के उपरांत डॉक्टर के पास जाते हुए न देखा, न सुना। मेरे जीवन का अनुभव कहता है कि बाह्य और आंतरिक स्वच्छता का ऐसा पर्व दूसरा नहीं। रास्ते की सफाई से लेकर घाट की सफाई और इससे भी बढ़कर आंतरिक भाव की शुद्धता के प्रति पूरे समाज की आस्था इस पर्व विशेष के अवसर पर अवर्णनीय है। इससे भी बढ़कर पूजा के बाद जो प्रसाद में स्वाद होता था,वो कहां से आता है ,मैं आज तक सोचता हूं। आज जब घर से दूर अपनी परंपरा से बिछड़कर अकेले में उस पल को याद कर रहा हूं तो यही संदेश सुनाई पड़ता है कि विश्व को प्रकाशित करने वाले सूर्य देव को भी जब अस्त और उदय के उतार-चढ़ाव से गुजरना पड़ता है तो सामान्य प्राणियों के लिए कोरोना का अंधकारपूर्ण काल कोई चिरस्थाई नहीं। हृदय में आस्था रखकर प्रकाशपूर्ण सुबह का इंतजार कीजिए। 'शिष्य-गुरु संवाद' से डॉ सर्वजीत दुबे छठ पर्व की शुभकामनाओं सहित🙏🌹