संवाद


मां शारदे को शिक्षक का करुण-पत्र


हे मां शारदे!


सरस्वती-पुत्रों की दशा आज बहुत दयनीय है। उनके एक हाथ में पुस्तक और दूसरे हाथ में वीणा की जगह पर एक हाथ में फाईल और दूसरे हाथ में मोबाइल रहता है। पुस्तकें पढ़ने-पढ़ाने तथा वीणा बजाने का अवकाश कहां है? एक समय था जब आपकी आराधना करने वाले ज्ञान का प्रकाश फैला कर अंधकार को दूर किया करते थे तथा लोगों की जीवन-वीणा को झंकृत कर देते थे-


मौन तम के पार से यह कौन मेरे पास आया,


नींद में सोए हुए संसार को किसने जगाया?


कर गया है कौन फिर भिनसार वीणा बोलती है,


छू गया है कौन मन के तार वीणा बोलती है??


आज तो पुस्तकधारिणी और वीणाधारिणी के उपासक सूचनाएं एकत्रित करते रहते हैं और उसे कई जगह भेजते रहते हैं। फिर वही सूचनाएं व्हाट्सएप ग्रुप पर मांगी जाती हैं और फोन पर भी।


हम इतने आत्महीन हो चुके हैं कि भरी क्लास को छोड़कर सूचनाएं जुटाने चल देते हैं क्योंकि प्राचार्य और अधिकारियों की नजर में सूचनाएं प्रमुख हैं और अध्यापन गौण। जो कार्य एक दसवीं पास व्यक्ति कर सकता था, वह कार्य पीएचडी किया हुआ विषय-विशेषज्ञ कर रहा है।


एक ओर हम विद्यार्थियों की नजरों में गिरते जा रहे हैं और दूसरी ओर कर्तव्य-बोध के कारण आत्मग्लानि में मरते जा रहे हैं।


राजा स्वदेशे पूज्यते, विद्वान् सर्वत्र पूज्यते का समय बीत चुका है; अब तो शिक्षकगण न घर में पूजे जाते हैं और न बाहर। क्योंकि शिक्षालय में विद्यार्थियों को जो पढ़ाया जाता था, वही बातें विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में पहुंचती थी; जिसके कारण बाहर भी उनका आदर होता था।


अब तो विद्यार्थी स्कॉलरशिप के लिए और एडमिशन-एग्जामिनेशन संबंधी सूचनाओं के लिए शिक्षक से संपर्क साधते हैं। क्योंकि पढ़ने-पढ़ाने का माहौल शिक्षालय को कार्यालय में तब्दील करके सुनियोजित तरीके से खत्म कर दिया गया-


हम कहीं के न रहे घाट और घर करीब हैं


ये नजारें अजीब हैं ,हम बहुत बदनसीब हैं।।


निराला साहब ने वर दे, वीणा वादिनी वर दे! के माध्यम से नव अमृत मंत्र भारत में भरने की प्रार्थना की थी।


मेरी भी यही प्रार्थना है कि शिक्षालयों में पढ़ने-पढ़ाने की फिर वही पुरानी व्यवस्था लौटे। गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्ति मिले।नई पीढ़ी में व्याप्त अंधकार को दूर करने के लिए ज्ञान का प्रकाश फैलाने हेतु अनुकूल माहौल बने।


'शिष्य-गुरु संवाद' से डॉ.सर्वजीत दुबे बसंत पंचमी की मंगल कामनाओं सहित🙏🌹