उत्साहऔर प्रतिशत बढ़ाने वाला फार्मूला हो
June 18, 2021संवाद
"उत्साहऔर प्रतिशत बढ़ाने वाला फार्मूला हो"
12वीं बोर्ड के मूल्यांकन का 30:30:40 वाला फॉर्मूला टापर्स विद्यार्थियों के लिए न्याययुक्त नहीं लग रहा है क्योंकि ग्यारहवीं की परीक्षा का प्राप्त प्रतिशत प्रायः कम रहता हैऔर बारहवीं प्री बोर्ड की परीक्षा वैकल्पिक होने के कारण अधिकतर विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे रहते हैं।
30:30:40 के फार्मूले में 30% नंबर का आधार11वीं का वह परीक्षा है, जिसमें विद्यार्थी अपना शतप्रतिशत नहीं लगाता है।
ऐसे अनेकों विद्यार्थी हैं जिनके दसवीं बोर्ड की परीक्षा में 90% से ऊपर है किंतु ग्यारहवीं परीक्षा में 75%के लगभग और 12वीं प्री बोर्ड का उन्होंने एग्जाम ही नहीं दिया है।
यदि 12वीं बोर्ड की परीक्षा होती तो निश्चितरुपेण वे 90% से ऊपर स्कोर करते।
फॉर्मूला बनाते समय सभी विद्यार्थियों का सामान्य ध्यान रखा जाता है; किंतु इसके कारण मेरीटोरियस विद्यार्थियों का विशेष नुकसान नहीं होना चाहिए। वे विद्यार्थी जो शत प्रतिशत अंक के आसपास रहते हैं उनका प्रतिशत 90से नीचे आते ही रिजल्ट उनके लिएअस्वीकार्य हो जाएगा। अधिकतर मेधावी विद्यार्थी दसवीं बोर्ड के प्रतिशत को 12वीं में भी मेंटेन करते हैं।
कुछ कॉलेजों की कटऑफ लिस्ट 100% जाती रही हैं। ऐसे विद्यार्थी जो 1/2 नंबर कम आने पर भी पुनर्मूल्यांकन करवाते हैं,वे सामान्य फार्मूले से संतुष्ट नहीं हो सकते।
अत: फॉर्मूला का आधार इस प्रकार का होना चाहिए कि दसवीं बोर्ड में प्राप्त प्रतिशत से 12वीं का रिजल्ट ज्यादा अंतर न करे।
सबके बावजूद महामारी के समय में जब विद्यार्थी और परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं तो उनका रिजल्ट प्रोत्साहन देने वाला होना चाहिए।
'शिष्य-गुरु संवाद' से डॉ सर्वजीत दुबे🙏🌹