शिक्षा संस्थानों में नवाचार के नाम पर मूलाधार 'क्लास-टीचिंग' की उपेक्षा हो रही है। एक तो शिक्षकों की भारी कमी और दूसरा उपलब्ध शिक्षकों को क्लास से दूर कर देना खतरनाक है‌। इससे एक तरफ शिक्षकों में निरर्थकता घर कर रही है तो दूसरी तरफ विद्यार्थियों में उद्देश्यविहीनता । 🙏🌹"कैसे और क्यूं?"-जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें-👆👇