अंजाम से ऊपर उठकर लिए गए इस बेहतरीन निर्णय द्वारा बड़ी लाइन खींची गई है।
January 14, 2022श्रद्धांजलि
" कमाल के पत्रकार खान नहीं रहे"
कल रात प्राइम टाइम एनडीटीवी के 9:00 बजे वाले कार्यक्रम में महिलाओं को अधिक उम्मीदवारी दिए जाने के संबंध में कांग्रेस के निर्णय पर कमाल खान अपना एक्सपर्ट व्यू दे रहे थे- "अंजाम से ऊपर उठकर लिए गए इस बेहतरीन निर्णय द्वारा बड़ी लाइन खींची गई है।" अर्थात् "इस निर्णय से यूपी चुनाव में कांग्रेस की सफलता सुनिश्चित नहीं होगी लेकिन देश की सुफलता के लिए यह एक साहसिक निर्णय है।"
किसी भी विषय पर उनके विचार शिष्ट शब्दों में बहुत गहराई और बहुत सलीके के साथ निष्पक्ष तरीके से पेश किए जाते थे।
आज दिन में 1:00 बजे टीवी पर उनके नहीं होने का समाचार देख कर क्षणभंगुरता का एहसास गहरा होने लगा-
"तंतु प्रेरित गात्र हो तुम , एक पुतले मात्र हो तुम
इस जगत की नाटिका के क्षणिक-भंगुर पात्र हो तुम।"
पूरी तरह फिट दिखने वाले कमाल हार्ट अटैक के कारण इस नश्वर शरीर को छोड़ गए लेकिन अनश्वर यादें भी छोड़ गए हैं।
सनसनीखेज खबरों को अत्यंत आक्रामक अंदाज में आवेगपूर्ण शब्दों के साथ प्रस्तुत करने का टीवी पर जब आम रिवाज बन गया हो, उसमें लखनवी तहजीब के साथ कोमल शब्दों में मृदुल तरीके से किसी खबर को प्रस्तुत करने का कमाल साहब का अंदाज मुझे बहुत आकर्षित करता था।
आज पता चला कि वे किसी भी रिपोर्ट को प्रामाणिक तथ्यों के जुटाने के बाद ही बहुत विचार करने के बाद नपे तुले शब्दों में पेश किया करते थे,भले ही इसमें थोड़ा ज्यादा वक्त लग जाए।
वर्चुअल संसार से भी इतना इमोशनल संबंध बन जाता है कि अनजाना अपना सा लगने लगता है और व्यक्ति उससे बहुत कुछ सीखने लगता है।
प्रत्येक दिन कई चैनलों पर कई पत्रकारों को रिपोर्टिंग करते हुए देखने का अवसर मिलता है लेकिन दिल में जगह बना लेने का कमाल विरले पत्रकार ही कर पाते हैं।
अतः कमाल खान के जाने पर ऐसा महसूस हुआ कि कोई आकाश में उड़ती हुई पतंग अचानक कट गई और मकर संक्रांति की उमंग उदासी में तब्दील हो गई।
'शिष्य-गुरु संवाद' से डॉ. सर्वजीत दुबे
विनम्र श्रद्धांजलि🙏🌹