"हैप्पी फ्रेंडशिप डे"


एक दोस्त को मैंने फोन लगाया और पूछा - आप कैसे हैं?


उसने बोला- तेरी तबीयत ठीक नहीं है क्या?


मैंने कहा तबीयत तो ठीक है, क्या हुआ!


उसने कहा -तब तेरा दिमाग ठीक नहीं है!


इसके बाद उसने संसदीय तरीके से इतने असंसदीय शब्दों में संबोधन शुरू किया कि पत्नी और बच्चे पूछ बैठे-


सामने से कौन बोल रहा है?


मैंने कहा - बचपन का जिगरी दोस्त!!!


डॉ.सर्वजीत दुबे🙏🌹