सहिष्णुता के लिए चाहिए वेद-दृष्टि
November 16, 2022"सहिष्णुता के लिए चाहिए वेद-दृष्टि"
16 नवंबर को यूएनओ द्वारा विश्व सहिष्णुता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर एक प्रश्न मेरे मन को बार-बार परेशान कर रहा है कि जाति,धर्म, क्षेत्र इत्यादि के नाम पर बनने वाले संगठनों की बाढ़ सी आ गई है,जिसके सम्मेलनों में अपनी विशेष पहचान को और दृढ़ करने के सारे उपाय किए जा रहे हैं; फिर सहिष्णुता कैसे बढ़ेगी?
"एकोहं बहुस्याम:" अर्थात् 'एक अनेक रूप में अभिव्यक्त हुआ'-यह वैदिकी-दृष्टि जब तक जन-जन तक नहीं पहुंचाई जाएगी और अपने मन-वचन-कर्म में नहीं उतारी जाएगी तब तक सहिष्णुता हमारी जीवनचर्या नहीं बनेगी।
दरअसल अद्वैत की मूल भावना के अभाव में आज का व्यक्तित्व खंडित हो गया है।
एक तरफ वोकल फॉर लोकल का नारा बुलंद किया जा रहा है तो दूसरी तरफ सारी बड़ी समस्याएं(पर्यावरण,धर्मांधता,असमानता) अपने मूल स्वरूप में ग्लोबल हैं।
एक तरफ अपनी विशेष पहचान को बनाए रखने के सारे उपाय किए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ शिक्षा में समानता,स्वतंत्रता,भ्रातृत्व, उदारता, विश्वबंधुता के चैप्टर बढ़ाए जा रहे हैं। कट्टरतावादी अपना संगठन और शक्ति बढ़ाते चले जा रहे हैं और उदारतावादी अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं।
"अयं निज परो वेति गणना लघुचेतसाम् ,
उदारचरितानाम् तु वसुधैव कुटुंबकम।" -का पाठ पढ़ाने वाली संस्कृति मेँ संकीर्णता और कट्टरता का बढ़ना आत्ममंथन की मांग करता है।
भारतीय संस्कृति की विशेषताओं में से सबसे बड़ी विशेषता है- सहिष्णुता। हिटलर, मुसोलिनी,स्टालिन जर्मनी ,इटली, और रूस में तो पैदा हो सकते हैं किंतु भारत में नहीं। क्योंकि भारत में तो कलिंग युद्ध के बाद सम्राट अशोक का हृदय परिवर्तन हो जाता है और बौद्ध-भिक्षु बन जाता है।
जो भी शक, कुषाण इत्यादि विदेशी रूपी नदियां आई हैं,वे भारत रूपी सागर में घुलमिल गई हैं। जाति या धर्म ही नहीं, यहां क्षेत्र या मौसम भी एक सा नहीं है।
यदि विश्व को सहिष्णुता का जीता- जागता नमूना ढूंढना हो तो उसे भारत के अतिरिक्त अन्य कोई भी स्थान या देश नहीं मिलेगा। भारत के लिए तो सहिष्णुता रूपी अनमोल हीरा प्रकृति-प्रदत्त भी है और संस्कृति-प्रदत्त भी है। इस नायाब धरोहर का संरक्षण और संवर्धन हम सभी का कर्त्तव्य भी है और नैतिक दायित्व भी; क्योंकि-
"जुड़े हैं सबके श्वासों से श्वास
अद्वैत से ही पूरी होगी आस।"
'शिष्य-गुरु संवाद' से डॉ.सर्वजीत दुबे
विश्व सहिष्णुता दिवस की शुभकामना🙏🌹